The Spirit of Ghazals - लफ़्ज़ों का खेल | Urdu & Hindi Poetry, Shayari of Famous Poets: kumar shashi
Showing posts with label kumar shashi. Show all posts
Showing posts with label kumar shashi. Show all posts

मेरी असली मोह्बत..✍

8 years ago 0
हम ने तो किया था सब से मोह्बत  ना जाने मेरी असली मोह्बत कोन थी सब से जा जा कर पूछ लिया ग़ालिब ओ भी नहीं बता पाये की मेरी असली मोह्बत...
Read More

​*मैं और वो*....✍

8 years ago 0
गुलमोहर की  ठंडी छांव में , लहराता सिमटता सा आंचल , और उसकी आँखें भाव विह्वल । मेंहदी रचे पांव , पायल के बजते घुंघरू हमारी नजरों ...
Read More

Pages

undefined