kyaa TuuTaa hai andar andar Lyrics in Hindi ( क्या टूटा है अन्दर अन्दर क्यूँ चेहरा कुम्हलाया है ) - The Spirit of Ghazals - लफ़्ज़ों का खेल | Urdu & Hindi Poetry, Shayari of Famous Poets
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kyaa TuuTaa hai andar andar Lyrics in Hindi ( क्या टूटा है अन्दर अन्दर क्यूँ चेहरा कुम्हलाया है )

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kyaa TuuTaa hai andar andar kyuu cheharaa kumhalaayaa hai Lyrics in Hindi ( क्या टूटा है अन्दर अन्दर क्यूँ चेहरा कुम्हलाया है )

और नई शायरी पढ़ें अपनी हिन्दी एवं उर्दू भाषा में हमारे इस ब्लॉगर पर :-The spirit of ghazals-लफ़्ज़ों का खेल

गाना / Title: क्या टूटा है अन्दर अन्दर क्यूँ चेहरा कुम्हलाया है
चित्रपट / Film: Kehna Usey (Non-Film)
संगीतकार / Music Director: Niaz Ahmed
गीतकार / Lyricist: Farhat Shahzad
गायक / Singer(s): Mehdi Hasan

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क्या टूटा है अन्दर अन्दर क्यूँ चेहरा कुम्हलाया है
क्या टूटा है अन्दर अन्दर क्यूँ चेहरा कुम्हलाया है
तन्हा तन्हा रोने वालो कौन तुम्हें याद आया है
चुपके चुपके सुलग़ रहे थे याद में उनकी दीवाने
इक तारे ने टूट के यारो क्या उनको समझाया है
रंग बिरंगी इस महफ़िल में तुम क्यूँ इतने चुप चुप हो
भूल भी जाओ पागल लोगो क्या खोया क्या पाया है
शेर कहाँ है ख़ून है दिल का जो लफ़्ज़ों में बिखरा है
दिल के ज़ख़्म दिखा कर हमने महफ़िल को गर्माया है
अब 'शहज़ाद' ये झूठ न बोलो वो इतना बेदर्द नहीं
अपनी चाहत को भी परखो गर इल्ज़ाम लगाया है

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