samane ho manzil to raaste na modana (समने हो मंज़िल तो रास्ते ना मोडना) - The Spirit of Ghazals - लफ़्ज़ों का खेल | Urdu & Hindi Poetry, Shayari of Famous Poets
samane ho manzil to raaste na modana (समने हो मंज़िल तो रास्ते ना मोडना)

samane ho manzil to raaste na modana (समने हो मंज़िल तो रास्ते ना मोडना)

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"समने हो मंज़िल तो रास्ते ना मोडना,
जो भी मन मे हो वो सपना ना तोडना,
कदम कदम पे मिलेगी मुशकिल आपको,
बस सितारे चुन-ने के लिये कभी ज़मीन मत छोडना."
󾌬󾁉󾁅󾁀😎󾌵
✏The spirit of ghazals
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